प्रमुख नाम वाली लॉजिस्टिक कंपनी पर धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
ग्राहकों का आरोप: Wipro LogisticMart Shifting Solutions लोगों को शिपिंग के नाम पर ठग रही है
नई दिल्ली | 16 जनवरी 2026
देश की लॉजिस्टिक और शिपिंग इंडस्ट्री में एक बार फिर उपभोक्ता सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रमुख ब्रांड नाम से संचालन करने वाली लॉजिस्टिक कंपनी Wipro LogisticMart Shifting Solutions पर कई ग्राहकों ने धोखाधड़ी, छिपे हुए शुल्क और समय पर डिलीवरी न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्राहकों के अनुसार, कंपनी बेहद कम शिपिंग चार्ज का लालच देकर लोगों को अपनी सेवाएं लेने के लिए आकर्षित करती है। जैसे ही ग्राहक सहमति देते हैं, कंपनी उनके सामान को घर से पिक-अप कर लेती है — और यहीं से कथित तौर पर धोखाधड़ी का खेल शुरू हो जाता है।
फोन पर वादे, कागजों में अलग शर्तें
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कंपनी के प्रतिनिधि फोन कॉल पर आकर्षक वादे करते हैं, लेकिन लिखित दस्तावेजों में अलग-अलग शर्तें भेजी जाती हैं। इससे ग्राहक भ्रमित हो जाते हैं और बाद में अतिरिक्त भुगतान के लिए मजबूर किए जाते हैं।
सामान उठाने के बाद कंपनी कथित रूप से अलग-अलग बहानों से पैसे मांगती है, जिनमें शामिल हैं:
अतिरिक्त सामान शुल्क
जीएसटी चार्ज
हैंडलिंग फीस
अप्रत्याशित ट्रांजिट चार्ज
ग्राहकों का दावा है कि ये सभी शुल्क पहले कभी बताए नहीं गए थे।
समय पर डिलीवरी नहीं, वेयरहाउस चार्ज का दबाव
कई पीड़ित ग्राहकों ने आरोप लगाया है कि कंपनी तय समय पर सामान डिलीवर नहीं करती और देरी होने पर तथाकथित “वेयरहाउस चार्ज” के नाम पर अतिरिक्त रकम वसूलती है। कुछ मामलों में ग्राहकों का कहना है कि जब तक वे अतिरिक्त भुगतान नहीं करते, तब तक उनका सामान रोककर रखा जाता है।
इंडस्ट्री विशेषज्ञ इसे “Hostage Goods Scam” की श्रेणी में रखते हैं, जिसमें ग्राहकों के सामान को बंधक बनाकर उनसे जबरन पैसे वसूले जाते हैं।
लॉजिस्टिक सेक्टर में बढ़ रहे ऐसे घोटाले
उपभोक्ता मामलों के जानकारों के अनुसार, भारत में पैकर्स एंड मूवर्स और लॉजिस्टिक सेक्टर में इस तरह के घोटाले तेजी से बढ़ रहे हैं। आमतौर पर ठग कंपनियां:
बहुत सस्ता कोटेशन देती हैं
बाद में कई छिपे हुए चार्ज जोड़ देती हैं
सामान को रोककर पैसे की मांग करती हैं
फर्जी ब्रांड नाम का इस्तेमाल करती हैं
सरकारी एजेंसियां और साइबर क्राइम विभाग पहले ही जनता को ऐसे फर्जी कूरियर और लॉजिस्टिक नेटवर्क से सतर्क रहने की चेतावनी दे चुके हैं।
उपभोक्ताओं के लिए सलाह
विशेषज्ञों का सुझाव है कि कोई भी लॉजिस्टिक सेवा लेने से पहले:
कंपनी का रजिस्ट्रेशन और वैधता जांचें
लिखित एग्रीमेंट और पूरा कोटेशन लें
बिना बिल के कोई भुगतान न करें
पूरी रकम एडवांस में न दें
गूगल रिव्यू और ग्राहक शिकायतें अवश्य पढ़ें
जांच की मांग
Wipro LogisticMart Shifting Solutions के खिलाफ लगातार आ रही शिकायतों के बाद उपभोक्ता संगठनों ने सरकार और नियामक संस्थाओं से मांग की है कि ऐसी कंपनियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और ग्राहकों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
ऐसी लॉजिस्टिक धोखाधड़ी से कैसे बचें: विशेषज्ञों की सलाह
लॉजिस्टिक और पैकर्स-मूवर्स सेक्टर में बढ़ते घोटालों को देखते हुए उपभोक्ता विशेषज्ञों ने आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नीचे कुछ महत्वपूर्ण उपाय बताए गए हैं, जिनसे ग्राहक ऐसी स्कैम कंपनियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं:
बहुत सस्ते ऑफर से सावधान रहें
अगर कोई कंपनी बाजार दर से बेहद कम कीमत पर शिपिंग या शिफ्टिंग की पेशकश कर रही है, तो सतर्क हो जाएं। अक्सर ऐसे ऑफर ग्राहकों को फंसाने का जरिया होते हैं।
2. लिखित कोटेशन और एग्रीमेंट अनिवार्य लें
हमेशा कंपनी से:
पूरा लिखित कोटेशन
चार्ज का ब्रेक-अप
डिलीवरी की तारीख और समय
लिखित रूप में ई-मेल या डॉक्यूमेंट के जरिए लें। सिर्फ फोन कॉल पर भरोसा न करें।
3. कंपनी का रजिस्ट्रेशन और पहचान जांचें
सेवा लेने से पहले यह सुनिश्चित करें कि:
कंपनी GST-रजिस्टर्ड है
उसका ऑफिस पता, लैंडलाइन नंबर मौजूद है
वेबसाइट और ई-मेल आईडी प्रोफेशनल हैं
फर्जी कंपनियां अक्सर केवल मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप पर ही बातचीत करती हैं।
4. एडवांस में पूरी रकम न दें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
केवल आंशिक एडवांस दें
शेष भुगतान डिलीवरी के बाद करें
पूरी रकम पहले ही देने से ग्राहक के पास कोई दबाव की ताकत नहीं बचती।
5. बिल और रसीद के बिना भुगतान न करें
कोई भी GST, वेयरहाउस या अतिरिक्त चार्ज तभी दें जब:
उसका वैध बिल दिया जाए
GST नंबर और इनवॉइस स्पष्ट हों
बिना बिल के लिया गया पैसा अक्सर धोखाधड़ी का संकेत होता है।
6. ऑनलाइन रिव्यू और शिकायतें जरूर देखें
किसी भी कंपनी को चुनने से पहले:
Google Reviews
सोशल मीडिया शिकायतें
जरूर पढ़ें। बार-बार आने वाली नेगेटिव शिकायतें खतरे का संकेत होती हैं।
7. सामान रोके जाने पर तुरंत शिकायत करें
यदि कोई कंपनी आपका सामान रोककर अतिरिक्त पैसे मांगती है, तो:
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (NCH)
उपभोक्ता कोर्ट
साइबर क्राइम पोर्टल
पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
8. ब्रांड नाम से भ्रमित न हों
कई फर्जी कंपनियां बड़े और भरोसेमंद ब्रांड जैसे नाम रखकर लोगों को गुमराह करती हैं। सिर्फ नाम देखकर भरोसा न करें — कानूनी दस्तावेज सबसे अहम होते हैं।
निष्कर्ष
विशेषज्ञों का कहना है कि जागरूकता ही इस तरह की धोखाधड़ी से बचाव का सबसे मजबूत हथियार है। जब तक लॉजिस्टिक सेक्टर में सख्त निगरानी और पारदर्शिता लागू नहीं होती, तब तक उपभोक्ताओं को खुद सतर्क रहना होगा।


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